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"ब्रह्म-मुहूर्त उपदेश"

एक साधारण मनुष्य अक्सर स्वभाव से ही रजोगुणी माना जाता है। इसीलिये सभी मनुष्यों की भोग कामनायें रजोगुण से ही प्रभावित होती हैं और अक्सर इन भोगों को भोगने में बाधा उत्पन्न करने वाले मनुष्यों पर क्रोध आ जाता है। इस क्रोध को हमें कभी भी किसी आंधी-तूफान से कम नहीं आंकना चाहिए, क्योंकि आंधी-तूफान आते तो कम समय के लिए हैं, लेकिन नुकसान बहुत लंबे समय का कर जाते हैं.....सुधीर भाटिया फकीर

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